बढ़ती गर्मी व महंगाई से परेशान दिल्लीवासियों के लिए दिल्ली सरकार का बिजली बिल में बढ़ोतरी कर आर्थिक बोझ डालने से दिल्लीवासी सकते में हैं। लगातार बढ़ते रसोई गैस के दाम, पेट्रोल, सीएनजी, रोजमर्रा की जरुरी वस्तुओं के चलते महंगाई से त्रस्त जनता पर यह एक और बोझ है।
@DERC ने बिजली वितरण कंपनियों
@bsesdelhi राजधानी, यमुना
@NDPL टाटा पावर को बिजली अधिभार लगाने की अनुमति दे दी है। दिल्लीवासियों को बिजली के अधिक बिल का भुगतान करना पड़ेगा, वह भी 3 महीने पहले अप्रैल 2026 से बढ़े टैरिफ की दर वसूली जाएगी।
@AamAadmiParty @ArvindKejriwal सरकार के 10 वर्ष के कार्यकाल में बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि वर्ष 2015 में राजघाट बिजली स्टेशन और वर्ष 2018 में बदरपुर संयंत्र का परिचालन बंद हो गया था। यह पहली बार हुआ कि 10 वर्ष तक कोई सरकार रहे और बिजली की दरों में कोई वृद्धि न करे जबकि पूर्ववर्ती दिल्ली सरकारों के कार्यकाल में हर वर्ष बिजली कंपनियां घाटे का राग अलाप, न केवल बिजली की दरों में वृद्धि करती थी बल्कि दिल्ली सरकार से बेलआऊट पैकेज भी वसूलती थी।
@IndiaCAG की रिपोर्ट में कहा गया था कि शीला दीक्षित सरकार ने बिजली कंपनियों के साथ मिलीभगत कर उपभोक्ताओं से 8,000 करोड़ रुपये अधिक वसूल किए।
@ArvindKejriwal सरकार ने दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली उपयोग करने पर बिल नहीं, 200 से 400 यूनिट तक बिजली की खपत पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दे दिल्लीवासियों को राहत भी दी। लगभग एक दशक बिजली की आपूर्ति काफी हद तक नियमित रही, 10-15 दिन में एक बार, कम समय के लिए बिजली कटौती होती थी। उसके लिए भी
@ArvindKejriwal सरकार ने 2 घंटे से अधिक की अनियोजित बिजली कटौती के लिए वितरण कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को मुआवजा देने का फैसला लिया। इसके तहत, उपभोक्ताओं को अनियोजित बिजली कटौती के पहले दो घंटों के लिए 50 रुपये प्रति घंटा दिया जाएगा।
हालांकि पिछले कुछ महीनों में कई-कई घंटे बिना पूर्व घोषणा के 3-4 बार बिजली कटौती हो रही है।
दिल्ली में अचानक बिजली कटौती, अनियमितता गंभीर समस्या क्यों बन गई है जिसका निवासियों के दैनिक जीवन और आराम पर गहरा असर पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, परीक्षा और गृहकार्य प्रभावित होते हैं। पानी पहली मंजिल पर भी नहीं चढ़ता, मोटर से चढ़ाना पड़ता है, बिजली न होने से पानी का भी संकट होता है। बिजली संकट बहुत ज्यादा होने लगा है,
@DelhiGovDigital बिजली संकट से निपटने में असफल नज़र आ रही है। मुख्यमंत्री
@gupta_rekha @BJP4India सरकार ने जता दिया है कि राजधानी में मुफ्त, सस्ती बिजली के दिन अब ख़त्म हो गए हैं।
दिल्ली की गर्मी पहले से ही चरम पर है, और आपके कूलर, एयर कंडीशनर पूरे जोरों पर चल रहे हैं लिहाजा वृद्धि खासा असर डालेगी। बिजली दर बढ़ने से व्यापारियों, उद्योगों पर असर पड़ेगा जिसका भार दिल्लीवासियों को ही उठाना पड़ेगा। अस्पताल, स्कूल, होटल सहित विभिन्न संस्थानों को दिल्लीवासियों को और अधिक लूटने का मौका मिलेगा। दिल्ली सरकार को उपभोक्ताओं पर प्रभाव को कम करने के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी पर सब्सिडी देनी चाहिए। अगर 60 हजार करोड़ के बजट में
@ArvindKejriwal सरकार मुफ्त बिजली व सब्सडी दे सकती है तो एक लाख करोड़ से अधिक के बजट होते हुए बिजली की दरें बढ़ाने की जगह सब्सिडी क्यों नहीं बढ़ा रही दिल्ली
@gupta_rekha सरकार!
@blsanthosh