केन्द्रीय गृह मंत्रालय,नौकरशाही नहीं चाहती की CAPF जवानों को OPS मिले। न ही चाहते हैं कि उच्चतम न्यायालय द्वारा OGAS,NFFU दिया जाए और IPS deputation तय समय सीमा में कम की जाए इसके लिए बिल लाकर कोर्ट के निर्णय को निरस्त कर दिया। काल जिसमें संवैधानिक मूल्यों की मर्यादा नहीं है ।
कौन सी ताक़तें हैं जो माननीय सुप्रीम कोर्ट में पैरा मिलिट्री चौकीदारों की पुरानी पेंशन बहाली व समयबद्ध पद्दौनती मे रोड़े अटका रही हैं..
मैं उन अर्ध सैनिक बलों के जवानों की बात कर रहा हूँ जिन्होंने कश्मीर दहशतगर्दों के ख़िलाफ़ लंबी लड़ाई लड़ी, नक्सलवाद को ख़त्म किया और इस दौरान सैंकड़ों सहादतें दी