कश्मीरी केसर, डेट और बादाम खाकर “इम्यूनिटी बढ़ाओ, ठंड से होने वाली बीमारियों से बचो” जैसे दावे करने वाला यही बाबा रामदेव है,
👉 जिनकी कंपनी के झूठे विज्ञापनों और घटिया प्रोडक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट और रेगुलेटर्स बार‑बार पकड़ चुके हैं।
👉 कोर्ट ने इन्हें गंभीर बीमारियों का “सौ फीसदी इलाज” बताने, एलोपैथी को नीचा दिखाने और नियम तोड़कर दवाएँ बेचने पर फटकार लगाई, लाइसेंस निलंबित हुए, कई दवाओं की बिक्री पर रोक लगी और खाद्य प्रोडक्ट तक रिकॉल कराए गए –
इसके बाद भी ये टीवी‑सोशल मीडिया पर खुद को “जनता का मसीहा” बताने में लगे हैं।
सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो शेयर करते समय ज़रूर याद रखिए कि.....
👉 इनकी 14 आयुर्वेदिक दवाओं पर उत्तराखंड ड्रग लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने नियम 159(1) के तहत लाइसेंस निलंबित करके बिक्री‑विज्ञापन रोकने का आदेश दिया, क्योंकि बार‑बार गलत दावे और कानून का उल्लंघन पकड़ा गया।
👉 सुप्रीम कोर्ट ने इन भ्रामक ऐड्स पर न सिर्फ मार्केटिंग/एडवर्टाइज़िंग पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया, बल्कि झूठे दावे जारी रखने पर कॉन्टेम्प्ट नोटिस देकर कड़ी भाषा में कहा कि इनकी माफ़ी “कागज़ के लायक भी नहीं” है और आगे किसी भी सिस्टम ऑफ मेडिसिन के खिलाफ ज़हर उगलने से रोका।
👉 क्वालिटी के मोर्चे पर भी मामला साफ नहीं है: पहले भी आंवला जूस जैसे प्रोडक्ट सरकारी लैब में फेल हुए, और 2025 में FSSAI ने लाल मिर्च पाउडर के पूरे बैच (AJD2400012) को कीटनाशक अवशेष ज़्यादा होने पर मार्केट से तुरंत रिकॉल कराने का आदेश दिया, लगभग 4 टन पैक वापस मंगवाने पड़े।
👉 ऊपर से इनकी “कैंसर‑HIV‑कोविड‑बीपी‑शुगर सबका गारंटीड इलाज” वाली भाषा ने लाखों लोगों को वैज्ञानिक इलाज से दूर करके जोखिम में डाला, तभी कोर्ट ने सरकार और FSSAI को भी निर्देश दिया कि ऐसे झोलाछाप दावों पर तुरंत कार्रवाई करें और इन्हें दोबारा मंच न मिलने दें।
अब जब भी बाबा स्क्रीन पर बैठकर केसर‑खजूर‑बादाम या कोई नया पतंजलि प्रोडक्ट “इम्यूनिटी बूस्टर” बताकर बेचते दिखें, तो दिमाग में ये पूरा रिकॉर्ड ज़रूर रखिए – वरना ऐड में बोला “शुद्ध‑देशी‑वैज्ञानिक” और कोर्ट‑लैब में पकड़ी गई हक़ीक़त, दोनों में ज़मीन‑आसमान का फर्क है।
कोर्ट/रेगुलेटर की कार्रवाई जिन प्रमुख प्रोडक्ट पर हुई....
☠️⚠️ 14 आयुर्वेदिक दवाएँ जिनके निर्माण लाइसेंस उत्तराखंड स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने निलंबित किए:
Swasari Gold, Swasari Vati, Bronchom, Swasari Pravahi, Swasari Avaleh, Mukta Vati Extra Power, Lipidom, BP Grit, Madhugrit, Thyrogrit, Eyegrit Gold, Patanjali Swasari Vati (दूसरा फॉर्म्युलेशन), Madhu Nashak Vati, Yogendra Ras (वगैरह – सूची कोर्ट रिकॉर्ड/सरकारी नोटिस में दर्ज है)।
👉 इन्हीं 14 दवाओं की बिक्री पर नोएडा समेत कई ज़िलों के ड्रग डिपार्टमेंट ने अलग से ऑर्डर निकालकर मेडिकल स्टोर्स में तुरंत बैन लगाया।
👉 सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जिसमें पतंजलि की “दवाओं के इलाज वाले दावे” की मार्केटिंग और विज्ञापन पर अस्थायी रोक लगाई गई और भविष्य के ऐड्स के लिए कड़ा मानक तय किया गया।
👉 FSSAI द्वारा रिकॉल किया गया Patanjali Foods का Red Chilli Powder – बैच नंबर AJD2400012 – जिसमें पेस्टीसाइड रेज़िड्यू लिमिट से ज़्यादा मिलने पर पूरे बैच को मार्केट से हटाने और ग्राहकों को रिफंड/रिप्लेसमेंट देने के आदेश दिए गए।
निष्कर्ष ये कि बाबा के ‘चमत्कारी’ दावे कोर्ट में लगातार कटते रहे, फिर भी दुकानदारी चालू है... सबूत ये कहते हैं कि इलाज से ज़्यादा इलाज का नाटक चल रहा है।
सावधान रहें सतर्क रहें 🙏