सुबह-सुबह सरई के फूलों को निकट से देखने के लिए जंगल जाना हुआ. एक पेड़ को मज़बूत होने में लंबा समय लगता है. तब उसके सीने में कोई फूल उगता है, डूबता है. पेड़ उनके होने से जीवंत रहता है. पर आदमी समझता है,चीजों को कुचलते हुए ही कोई मजबूत हो सकता है.अच्छा है कि जंगल ऐसा नहीं होता है.