मध्य प्रदेश के एक गांव से ऐसी खबर आई कि सबकी बोलती बंद हो गई।
यहाँ दो पक्की सहेलियों ने वो कदम उठा लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी — दोनों ने मंदिर में जाकर चुपचाप एक-दूसरे को वरमाला पहना दी और सात फेरे ले लिए।
गांव वालों का कहना है कि दोनों बचपन से साथ बड़ी हुईं। स्कूल साथ, खेत साथ, सुख-दुख साथ। धीरे-धीरे ये दोस्ती कब अनोखे रिश्ते में बदल गई, किसी को भनक तक नहीं लगी। एक दिन दोनों ने फैसला किया: "अब दुनिया से छुपना नहीं, दुनिया के सामने अपना रिश्ता कबूल करना है।"
जैसे ही खबर फैली, पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
घर-घर में बस एक ही चर्चा — "अरे सुना? फलाने की बेटी ने तो..."
चौपाल पर बुज़ुर्ग सिर हिला रहे हैं। चाय की टपरी पर लड़कों का ग्रुप डिबेट कर रहा है। औरतें दबी ज़ुबान में बातें कर रही हैं।
कुछ लोग कह रहे हैं, "हिम्मत चाहिए ऐसा करने के लिए, नई पीढ़ी है।"
तो कुछ बोल रहे हैं, "गांव की बदनामी करवा दी, ये सब शहरों में होता है।"
फिलहाल दोनों सहेलियां साथ हैं। परिवार वालों ने अभी चुप्पी साध रखी है। गांव में शांति है, पर माहौल में एक अजीब सी हलचल जरूर है।
कहते हैं ना, प्यार जब हद से गुजर जाए तो दुनिया भी छोटी लगने लगती है।
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