@baghpatpolice व्यक्ति समाज को क्या संदेश देना चाहता है? क्या आप देख नहीं रहे, एक तरफ तो कहा जाता है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई होगी, लेकिन ये आदमी खुले मंच से ऐसी बातें बोल रहा है और पुलिस प्रशासन भी पीछे खड़ा होकर तमाशा देख रहा है।
@RLDparty के जिलाध्यक्ष कुलदीप उज्ज्वल समेत कई लोग वहीं बैठे हैं, क्या तुम्हारी भी इन बातों को गलत ठहराने की हिम्मत ना हुई?
बड़ौत में हुए तिहरे हत्याकांड को जातीय रंग देने का काम कुछ बनियों द्वारा किया जा रहा है। न्याय करना शासन-प्रशासन का काम है, लेकिन एक बनिये ने वरुण लुहारी को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी, फिर कैसे कुछ लोग कह रहे हैं कि ये "क्रिया की प्रतिक्रिया" है?
अगर क्रिया की प्रतिक्रिया की बात है, तो वरुण ने भी वही किया था क्योंकि उसके भाई की हत्या 10 साल पहले बनियों द्वारा की गई थी। उसके भाई के साथ साझेदारी में व्यापार किया गया, फिर उसी विवाद में उसकी हत्या हुई। उस सदमे में उसकी मां भी चल बसी। बाद में वरुण को ही हिस्ट्रीशीटर बनवा दिया गया।
दूध का धुला तो कोई भी नहीं है। अगर बेईमानी करके उसके 25 लाख रुपये रख लिए गए, उसके भाई की हत्या हो गई और फिर भी सही कार्रवाई नहीं हुई, तो सवाल तो उठेंगे ही।
अगर प्रशासन पहले ही ढंग से कार्रवाई कर लेता तो शायद ये दिन देखने नहीं पड़ते। और अब भी आग में घी डालने का काम हो रहा है। मंच से ये आदमी भड़काऊ भाषण दे रहा है, लेकिन इसे रोकने वाला कोई नहीं है।
प्रशासन इस मामले का संज्ञान ले और उचित कार्रवाई करे। अगर ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं होगी तो फिर कानून सबके लिए बराबर कैसे माना जाएगा?
@BagpatDm