जब जाना ही खाली हाथ है, तो फिर गिनती किस बात की ? 😉
न दौलत साथ जाएगी, न शोहरत, न कोई पद, न कोई पहचान। साथ जाएँगे तो बस वे पल, जिन्हें हमने खुलकर जिया, वे रिश्ते जिन्हें दिल से निभाया,
और वे मुस्कानें जो किसी के चेहरे पर छोड़ आए।
ज़िंदगी कोई तिजोरी नहीं, जिसे भरते रहना है …
ज़िंदगी तो एक सफ़र है, जिसे महसूस करना है !
इसलिए जब जाना ही खाली हाथ है,
तो दिल भरकर जियो,
मोहब्बत भरकर बाँटो,
और ऐसी यादें छोड़ जाओ जिन्हें वक़्त भी मिटा न सके !❤️