असद, जो सूर्या की हत्या के मामले में आरोपी था, गाज़ियाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
सौरभ, जो अरबाज़ की हत्या में शामिल था उसे रिहा कर दिया गया।
दोनों घटनाएँ एक ही दिन हुईं।
आज से 3000 साल पहले एक बड़ी आबादी दलित और अछूत बन गई थी, वजह थी उनके लिये न्याय ग़ायब था।
एक ही अपराध के लिये ख़ुद के लिये कोई सजा नहीं थी पर दूसरे के लिये थी।
यही मानसिकता जब आम हो गई तो समाज स्वर्ण और दलित में विभाजित हो गया।