भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार—रेलवे बोर्ड विजिलेंस ने बॉस को संतुष्ट करने के लिए विशेषकर S&T, Electrical, Mech के कई केस उचित जांच के बिना बंद कर दिए हैं, कई लंबित मामलों की जांच नहीं की और उचित दंड नहीं दिया। रेलवे बोर्ड विजिलेंस रेल में भ्रष्टाचार को कंट्रोल करने में विफल रहा है।