जब आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शोध सम्मान की कल्पना कागज़ पर अंकित हुई, तो वह केवल एक विचार था—एक संकल्प। शोध सम्मान-यह नाम अनिल राय जी ने दिया था। प्रश्न उठा कि इस सम्मान का स्वरूप क्या होगा। आदरणीय डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी जी ने सहजता से कहा—एक पदक होगा, एक प्रमाणपत्र होगा। ..