जिन्दगी में कुछ दोस्त खास बन गये ,
मिले तो मुलाकात और बिछड़े तो याद बन गए।
आज मेरे अत्यंत प्रिय बड़े भैया, राष्ट्रवादी पत्रकार
@sardanarohit जी की पुण्यतिथि है।
जिनकी आवाज़ में देश का गौरव था, सवालों में सच्चाई की चिंगारी थी और बहसों में राष्ट्रहित की आग।
वो कभी झुके नहीं, कभी डरे नहीं, "ताल ठोक के" की तरह वो हमेशा सत्य की तरफ बढ़ते थे।
भैया, आपने जो ज्योति जलाई थी, वो आज भी लाखों राष्ट्रवादी दिलों में जल रही है। आपकी याद हमें हमेशा याद दिलाती है कि पत्रकारिता सिर्फ नौकरी नहीं, राष्ट्र सेवा है।
आप जैसे साहसी पत्रकारों की बदौलत हम जैसे आम राष्ट्रवादी भी बोल पाते हैं। आपकी कमी हमेशा खलेगी, लेकिन आपकी प्रेरणा कभी खत्म नहीं होगी।
रोहित सरदाना भैया जी अमर रहें 🙏❤️