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उसी से मिल गई आँखें, निगाहें जिसकी नश्तर सी,
अगर दीवान हूं मैं इक, तो वो है इसके अक्षर सी,
उसी की ओढ़नी की शाम में, ढलता है दिन मेरा,
सफ़र में ज़िन्दगी के, उस की बाहें हैं मेरे घर सी.
♥️
𓂃✍︎ आदि.
#A_4_AD#बज़्म
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यज्ञ-हव्य सी सुरभित हो तुम,
कमनीया मधु-कामिनी तुम,
श्रांत प्रेम को यौवन देतीं,
उर-स्पंदन की गामिनी तुम.
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है सुदूर एक दिव्य लोक,
जो भव-बन्धन उन्मुक्त सदा,
ग्राह्य यदि है प्रेम तुम्हें ये,
तो हो जाओ सहगामिनी तुम.
♥️
𓂃✍︎ आदि.
#A_4_AD
अधूरी चाहत एक ग़ज़ल सी लगती है,
इज़हार से पहले इश्क़ इबादत सी लगती है,
पनपता हैं जबतक ख़ामोशी में इश्क
सांसों में बसा हसीं ख़्वाब सा लगता है।
थरथराता रहता है वो इश्क़ हासिल होकर भी
दिल के कोने में जबतक खोने का डर बाक़ी रहता हैं!!
❤️ #माला✍🏻
रिश्ता दिल का यूँ ही न जोड़ों किसी से,
कि खामोशी छीन ले लफ्ज़ तुम्हारी,
तुम बिखरो टुकड़ों में
और फ़िर रह जाओ ताउम्र खुद को समेटते!
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जिन आँखों में, इश्क था कल तुम्हारे लिए
मुमकिन है आज वहीं अपनी नाम तक रह जाओ ढूंढते!
___माला@Its__Mala
तेरा हर इक सवाल कहर सा हैं
तेरा हर इक जवाब जहर सा हैं
सोचूँ मैं तुझी को बस पल-पल
तेरा इश्क़ तारों के शहर सा हैं
कितना समझूं चाहूँ मैं तुझी को
तेरा ख़्याल शाम ओ सहर सा हैं
झटकती हैं जो आँखों से शबाब
तेरा जोवन जैसे इक लहर सा हैं
#Marz_e_ishq
इश्क़ क्या होता है
कोई इश्क़ करके देखें हमसे
नशा क्या होता है
आँखें चार करके देखें हमसे
बातों में इश्क़ नहीं
सिर्फ़ जज़्बातों में इश्क़ नहीं
कितना हैं समन्दर
कोई बाज़ी लगाकर देखें हमसे
क्या हैं दिल लगाना
कोई दिल लगाकर देखें हमसे।
#Lovedose
जग जाहिर है मिलन और बिछोह का फ़साना
तेरा मेरा किस्सा कोई नया तो नहीं
जग जाहिर है रूहानी मोहब्बत में अधूरे रह जाना
तेरा मेरा अफ़साना कोई नया तो नहीं...!
#माला
मैंने अपना बना कर भी देखा
दूरियों में रहकर भी देखा
मैंने वक़्त बेहिसाब लुटा कर भी देखा
मैंने हद-ए-इंतज़ार पार कर के भी देखा
...
....
आख़िर में खुद को लेकिन तन्हाई में देखा!
#माला
Read in Quote👇🏻
माना कि Delete के ज़माने में
तस्वीरों को जलाने का रीत पुरानी है
मगर उन यादों का क्या, जिन्हें
न तो जलाया जा सकता है
न ही delete किया जा सकता है!
#माला@Its__Mala