पाल, शाक्य, कुर्मी, प्रजापति, मौर्य, निषाद, अहीर, राजभर, विश्वकर्मा, मुस्लिम, लोधी जैसी पिछड़ी जाति के छात्रों को 75 नंबर पर रेलवे ALP की नौकरी मिल रही है।
दलित वर्ग के छात्रों को 69 नंबर लाने पर नौकरी मिल रही है।
EWS वाले ब्राह्मण, ठाकुर, बनिया जैसी सवर्ण जाति के छात्रों को मात्र 64 नंबर लाने पर नौकरी मिल रही है।
ये सब मोदी के 10% आरक्षण देने के बाद हुआ है इसके पहले सवर्णों की मेरिट पिछड़ो, दलितों से ज़्यादा जाती थी।
मेरा एक सवाल है:
मोदी ने सवर्णों को 10% आरक्षण दिया लेकिन दलितों पिछड़ों को क्या दिया ⁉️