पाकिस्तान ने भारत के साथ 4 युद्ध लड़े और हर बार हार का सामना किया। फिर उन्हें एहसास हुआ कि वे भारत को सीधे कभी नहीं हरा सकते। इसलिए उन्होंने प्रॉक्सी वॉर का रास्ता चुना। उन्होंने आतंकवादी भेजने शुरू किए और घुसपैठ को बढ़ावा दिया। नतीजा वही रहा। हार।
भारत की सबसे पुरानी पार्टी के साथ भी अब कुछ ऐसा ही हो रहा है। उस पार्टी की रानी को लगा कि वह मोदी को हरा देगी। उसने कांग्रेस के जरिए कोशिश की और हार गई। फिर उसने UPA के जरिए कोशिश की और हार गई। फिर उसने INDI Alliance के जरिए कोशिश की और फिर हार गई।
जब एंटी मोदी गैंग ने अपना सबसे मजबूत गढ़, बंगाल, खो दिया और अपने सबसे बड़े राजनीतिक किले को ढहते देखा, तब उन्हें एहसास हुआ कि मोदी को चुनावों के जरिए हराया नहीं जा सकता।
इसलिए, अपने पसंदीदा देश पाकिस्तान की तरह, उन्होंने भी प्रॉक्सी मॉडल अपनाया। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी बनाई और उन सभी लोगों को एक साथ इकट्ठा किया जो राम मंदिर के विरोधी थे, CAA के विरोधी थे, अनुच्छेद 370 हटाने के विरोधी थे और आतंकवादी उमर खालिद का समर्थन करते थे।
लोगो से अपील की कि भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाना हैं । वे लोगों से लाठी और पेपर स्प्रे लेकर सड़को पर आने को कह रहे हैं।
क्या वे फिर से दिल्ली को जलाने की तैयारी कर रहे हैं, जैसे राजीव गांधी, उमर खालिद और शरजील इमाम ने पहले भी किया था?
लेकिन वे एक बात भूल गए।यह नरेंद्र मोदी हैं।
उन्होंने चेहरे बदले। गठबंधन बदला।नारे बदले।
लेकिन एक चीज़ फिर भी नहीं बदली।
नतीजा।
देश द्रोहियो की हार।
और इस बार भी नतीजा वही रहेगा।
तैयार रहो एंटी मोदी गैंग, एक और हार के लिए।