आज संस्कृति विभाग की समीक्षा की। संस्कृति विभाग की बेहतर पुनर्संरचना और आधुनिकता के साथ गतिविधियों का विस्तार करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह निर्देश भी दिए कि सम्राट विक्रमादित्य के नाम से अकादमी बनाएं। प्रदेश के ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों और अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के साथ ही देश के अन्य प्रसिद्ध देवस्थानों को भी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल करें। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में गति लाएं।
प्रदेश के गायकों व कलाकारों को आयोजनों में प्रस्तुति के लिए प्राथमिकता के साथ आमंत्रित किया जाए। साथ ही, प्रदेश के सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं के सम्मान एवं आवश्यकता के अनुरूप सहयोग के लिए स्थायी योजना तैयार की जाए।