माननीय, बिपक्ष की नींद क्यों उड़ेगी!अगर बीजेपी जीतेगी तो फिर बिपक्ष को यह कहना के उसकी नींद उडी हुई है इसकी जरूरत ही नहीं है,उसके पास खोने को कुछ भी नहीं लेकिन अगर कहीं 30-45 seats में वो उलटफेर कर गए तो बीजेपी के लिए मुश्किल हो सकती है, यानि सारा खेल 40'50 सीट्स का ही है।
मोदी की गारंटी पर जनता-जनार्दन का अटूट विश्वास इंडी गठबंधन के नेताओं की नींद उड़ा रहा है। महाराष्ट्र के वर्धा में आशीर्वाद देने आए परिवारजनों का एक-एक वोट मुझे और मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। x.com/i/broadcasts/1DXxyjXAA…
यह सामान्य बात नहीं है कि, सम्पूर्ण विश्व में दूसरा कोई नेता ही नहीं है जो दो देशों के बीच युद्ध/विवाद की स्थिति में मध्यस्थता भी कर सके। शांति के प्रयास में सफल होने न होने की कई वजहें होती हैं, लेकिन @PMOIndia@narendramodi प्रयास कर रहे हैं, यह सबसे बड़ी बात है।
खबर है Ukraine ने आज ही रूस के एक शहर पर हमला किया है😀
और बातों बातों में जलेस्की ने भी बता ही दिया था के हमें कोई सलाह ना दे हम रूस से निपटना जानते हैं ऐसा उन्होंने आपने राजदूतों को सम्बोधित करते हुए कहा था।
जिन्होंने यूद्ध शुरू करवाया उन्हें भी तो कुछ कहना चाहिए क्योंकि यह यूद्ध रुकने वाला नहीं क्योंकि रूस पाई हुई जामीन छोड़ने वाला नहीं है।
हाँ इतना जरूर दिख रहा है के यूद्ध के चलते रूस चीन के करीब आता जा रहा है।
और यह भारत के लिए चिंता का बिषय है।
मुझे प्रधानमंत्री @narendramodi की ये तस्वीरें आज बहुत अच्छी लगी
जिस देश ने दो साल के युद्ध में हज़ारों लोग ( सैनिक-असैनिक ) गँवा दिए हों , शहर के शहर खो दिए हों - उस देश के राष्ट्राध्यक्ष के कंधे पर हमदर्दी का ये हाथ पूरी दुनिया कई साल तक याद रखेगी।
"भारत बुद्ध की धरती से आता है, ये धरती युद्ध की नहीं, शांति की बात करती है"
◆ पोलैंड पहुंचकर PM मोदी ने कहा
Narendra Modi | Poland | #NarendraModi | @narendramodi | #Poland
इसके मायने यह है के यह सिर्फ एक भारत के प्रधानमंत्री की बिदेश यात्रा है,क्योंकि पूरी दुनियां जानती हैं अभी फिलहाल यह यूद्ध रुकता नहीं दिखाई दे रहा है,हाँ भारतीय मीडिया कुछ भी कहा सकता हैं क्योंकि उसने कुछ महीने पहले ही बीजेपी को 400 पार करवा दिया था।
youtube.com/watch?v=0p-NnFMG…
तिहाड़ी, तू ये भूल गया के हाथरस में हर चीज बंद की गई थी इंसाफ मांगने वालों को बोलने नहीं दिया जा रहा था जबकि इस केस में ऐसा नहीं हैं, किसी की आवाज़ बंद नहीं की जा रही है।
दलाली की आदत इतनी जल्दी जाती नहीं।
हिंडनबर्ग की आज तक हिम्मत नहीं हुई कि वो भारतीय कोर्ट में अपने दावों पर केस लड़ने को तैयार हो.. दूसरा वो अपनी रिपोर्ट के नीचे खुद ही लिख रहा है कि उसकी रिपोर्ट पर भरोसा अपने रिस्क पर करें और उसने रिपोर्ट में जिक्र हर कम्पनी में शॉर्ट कर रखा है मोटा माल छापने के लिए..खुद पढ़ लीजिए.. अब इसके बाद क्या ही कहने को रह जाता है कि क्या खेल चल रहा है।