सस्ते में एयरपोर्ट बेचो,
इलेक्टोरल बॉन्ड्स लो।
सस्ते में माईन्स बेचो,
इलेक्टोरल बॉन्ड्स लो।
सस्ते में ज़मीन बेचो,
इलेक्टोरल बॉन्ड्स लो।
‘मैं देश नहीं बिकने दूंगा’ का नारा देने वाले नरेंद्र मोदी चुनावी चंदे के लिए देश का हर संसाधन बेचने को तैयार हैं।
मगर किसान अपनी फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी न मांगे, क्योंकि किसान इलेक्टोरल बॉन्ड्स नहीं देता है।
अजीब विडंबना है।