बिपिन यादव को मुखिया बनाने में
#khan_sir का योगदान था ...
वो दिन रात इंस्टीट्यूट छोड़ प्रचार करने पहुंचे थे!
2025 में विधानसभा चुनाव हुआ तब , विपिन यादव ने प्रचार करने के लिए Khan Sir से काफी आग्रह किया , लेकिन खान सर खुले तौर पर राजनीति नहीं करना चाहते थे!
वो चुनाव प्रचार में नहीं पहुंचे , इसलिए विपिन यादव की चुनाव में हार हुई !
तब से दोनों शिक्षकों के बीच अंदरूनी नाराजगी बढ़ती गई , उसी दो शिक्षकों के आपसी मामले में "विपिन यादव" की इंट्री हुई और ek तरह से रोशन यादव के प्रचार में खुद जुट गए !