कैसा ढक्कन रहा होगा वो व्यक्ति जो पाँच से अधिक वर्षों तक MBBS के बाद भी 800 में से केवल 4 अंक ला सका??
और कैसे नीच हैं वो लोग जिन्होंने ऐसे गधों को MD/MS में प्रवेश देनेवाले प्रावधान किए हैं?
कैसे अधम हैं जो इस नीचता का श्रेय भी लेते हैं और दंभ भी भरते हैं?
कैसे अभागे हैं जिनके ऐसे नेता हैं?