चाहता हूँ
तुम मुझे ऐसे सुनो
जैसे मेरी आवाज़ कोई आख़िरी ख़त हो
और उसके बाद
दुनिया सचमुच बदल जाने वाली हो।
जैसे अभी जो मैं कहूँगा
वही तक़दीर की दिशा मोड़ देगा,
और तुम अपनी पलकों को
थोड़ा और झुका कर सुनो....
कि कहीं कोई लफ़्ज़
ज़मीन पर गिर कर टूट न जाए।
देखो,
मोहब्बत यूँ करना मुझसे
कि मेरे सारे डर
तुम्हारी हथेली पर आकर
चुप हो जाएँ।
मैं बहुत थक गया हूँ
मजबूत दिखते-दिखते।
मैं चाहता हूँ
कि तुम्हारी गोद
मेरे लिए दुनिया की आख़िरी पनाह हो।
मैं बच्चा बन जाऊँ,
अपने सारे सवाल
तुम्हारी चुप्पी में रख दूँ,
और तुम मेरे बालों में उँगलियाँ फेरते हुए कहो..
“अब कुछ नहीं होगा।”
मोहब्बत ऐसी हो
कि उसके बाद कोई क़यामत भी आए
तो हमें अलग न कर सके।
तुम मुझे ऐसे सुनो
जैसे मेरी बात के बाद
सच में कामयाबी आएगी,
जैसे मेरे टूटे हुए ख़्वाबों पर
तुम अपना नाम लिख दोगी।
और अगर दुनिया फिर भी न बदले-
तो कम-से-कम
मेरी दुनिया
तुम्हारी गोद में
थोड़ी देर के लिए ही सही,
सुकून से सो जाएँ।
- मलाल ❣️🌻