पुष्कर नवमांश का रहस्य
ज्योतिष में कई बार ऐसा होता है कि कोई ग्रह कुंडली में बहुत ज्यादा मजबूत नहीं दिखता, फिर भी अपनी दशा में unexpectedly अच्छे नतीजे दे जाता है। ऐसे मामलों में पुष्कर नवमांश एक अहम भूमिका निभा सकता है
आसान भाषा में समझें तो पुष्कर नवमांश ग्रह को अपनी अच्छाई दिखाने का extra support देता है। यह कोई जादुई योग नहीं है जो हर ग्रह को राजा बना दे, लेकिन ग्रह के अच्छे पक्ष को सामने लाने में मदद जरूर करता है
उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्रह जन्म कुंडली (D1) में मेष, सिंह या धनु राशि में बैठा हो और नवमांश (D9) में जाकर तुला या धनु में पहुंच जाए, तो वह पुष्कर नवमांश में माना जाता है। जैसा कि नीचे दी गई टेबल में बताया गया है
ऐसा ग्रह अपने अच्छे गुणों को बेहतर तरीके से show कर सकता है। जिस भाव का मालिक हो, उससे जुड़े मामलों में मदद कर सकता है। जिस भाव में बैठा हो या जिस भाव को देख रहा हो, वहां भी अच्छे परिणाम देने की क्षमता बढ़ सकती है।
पुष्कर नवमांश में बैठे ग्रह के कुछ सामान्य benefits इस प्रकार हो सकते हैं
ग्रह के अच्छे गुण ज्यादा साफ़ दिखाई दे सकते हैं
जिन भावों का ग्रह स्वामी है, उनके मामलों में सुधार की संभावना बढ़ सकती है
जिस भाव में ग्रह बैठा है, वहां के नतीजों को बेहतर करने की कोशिश करता है
गुरु हो तो समझ और मार्गदर्शन, शुक्र हो तो सुख-सुविधाएं, बुध हो तो सोच-विचार और शनि हो तो धैर्य व स्थिरता बेहतर तरीके से सामने आ सकते हैं
महादशा या अंतर्दशा में इसके अच्छे परिणाम ज्यादा साफ दिखाई दे सकते हैं
अगर ग्रह पहले से अच्छी स्थिति में है, तो पुष्कर नवमांश उसके शुभ फलों को और enhance कर सकता है
ध्यान रहे, केवल पुष्कर नवमांश देखकर कोई final judgement नहीं करनी चाहिए। ग्रह किस राशि में है, किस भाव में है, किन ग्रहों के साथ बैठा है और कौन सी दशा चल रही है, यह सब भी उतना ही जरूरी है
सबसे आसान shortcut यही है कि पहले D1 में ग्रह की राशि देखें, फिर D9 में उसकी राशि देखें। अगर नीचे दी गई जोड़ी बन रही है, तो ग्रह पुष्कर नवमांश में माना जाएगा
✍🏼Jyotish Ka Gyan
D1 बताता है कि ग्रह बाहर से कैसा दिख रहा है, D9 बताता है कि अंदर से उसकी quality कैसी है, और पुष्कर नवमांश बताता है कि ग्रह के अच्छे गुण कितनी आसानी से बाहर आ पाएंगे