देश के पत्रकार ही अब देश के लोगों की आवाज़ दबा रहे हैं।
अगर मैंने देश के शिक्षकों के समर्थन में लिखा, तो मेरे खिलाफ अंजना ओम कश्यप और TV Today ने हाईकोर्ट में मुकदमा दर्ज करवा दिया।
पत्रकार शिक्षकों के खिलाफ कुछ भी कहें, तो सब सही माना जाता है।
लेकिन जब एक सामान्य नागरिक देश के शिक्षकों के समर्थन में अपनी बात रखता है, तो उस पर मुकदमा कर दिया जाता है।
क्या लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ऐसी पत्रकारिता और ऐसे लोगों का साथ देगा, या फिर एक सामान्य आदमी के विचारों को दबाने का काम करेगा?
मेरे व्यक्तित्व और विकास में मेरे शिक्षकों, मेरे परिचितों तथा YouTube के विभिन्न गुरुजनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
प्रधानमंत्री जी द्वारा बनाई गई ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ लेकर सीखने वाले करोड़ों लोगों की तरह मैं भी अपने गुरुजनों का सम्मान करता हूँ।
जो लोग मेरे शिक्षकों और गुरुजनों के बारे में गलत टिप्पणी करेंगे, उनके खिलाफ मैं अपने विचार बेझिझक और मजबूती से रखता रहूँगा।
जय हिंद, जय भारत।