समर्थन और विरोध हमेशा विचारों का होना चाहिए, व्यक्तियों का नहीं। क्योंकि कोई भी व्यक्ति पूर्णतः सही या गलत नहीं होता।
एक अच्छा व्यक्ति भी गलत विचार रख सकता है, और किसी गलत व्यक्ति का कोई विचार सही हो सकता है।
विचारों का मूल्यांकन विवेक से करें, व्यक्तियों का नहीं। यही परिपक्वता, निष्पक्षता और सच्ची समझ की पहचान है।
ॐ सूर्याय नमः 🙏🏻🚩