अभी तो जिंदगी कुछ ऐसी चल रही है जैसे नदी..... बस चल रही है एकदम खामोश,
बहुत सी बातें हैं जो खुद तक सीमित है, बहुत से लोग हैं जिन्हें भुला नहीं जा रहा है, झूठी मुस्कान, भावनाएं हैं जो कंट्रोल नहीं हो रही, जवानी के समय हर इंसान की जिंदगी कुछ ऐसे रास्ते पर आके खड़ी हो जाती है जहाँ..