हे मूर्ख सोशल मीडिया ट्रोलर्स,
शिक्षक सुबह 6:30 बजे से क्लास लेना शुरू कर देते हैं। इसका मतलब है घर कम से कम 5:30 बजे छोड़ देते होंगे। इस परिस्थिति में अगर वह अपना भोजन स्कूल में नहीं करेंगे तो क्या दिन भर 2:00 बजे तक भूखे रहेंगे?
और आप कैसे जान गए कि वह बच्चों के हिस्से का ही अंडा था? यह भी तो संभव है कि हेड मास्टर साहब ने 10 अंडा एक्स्ट्रा मंगाया हो शिक्षकों के खाने के लिए? बिना जाने बूझे शिक्षकों को बदनाम करना बंद कीजिए।
और एक बात जो आप लोग नहीं जानते हैं वह जान लीजिए सभी विद्यालय की रसोइया खुद विद्यालय का ही भोजन करती है और अपने घर परिवार के लिए भी बचा हुआ चावल दाल सब्जी घर लेकर जाती है।
सोशल मीडिया के केवल थियोरेटिकल ज्ञाताओं थोड़ा जमीन पर प्रैक्टिकल क्या होता है उसकी भी जानकारी रखनी चाहिए आपको।