लोकतंत्र के लिए दोनो प्रकार के चंदे घातक है, चाहे आतंकवादीयों द्वारा पाकिस्तान से लिया जाए या हमारे बेईमान नेताओं द्वारा विदेशों से...टैक्स मे छूट,कौड़ी के भाव किसान की जमीन और अनुकूल योजनाएं,ऐसा करके सरकार उधोगपति से चंदा लेती है,जनता को लूट तो दोनो रहे हैं,नेता हो या उधोगपती..