एक बौखलाए हुए केंद्रीय गृह मंत्री -जो उस पद की गरिमा के लिए कलंक हैं, जिसे कभी सरदार पटेल ने संभाला था- ने बड़ी बेशर्मी से भारतीय लोकतंत्र को नए निचले स्तर तक पहुंचा दिया है।
उन्होंने 20 TMC सांसदों को अवैध तरीके से तोड़ने और उनका एक ऐसी राजनीतिक इकाई के साथ पूरी तरह संदिग्ध विलय कराने की साजिश रची है, जिसके बारे में शायद ही किसी ने सुना हो। यह इकाई कथित तौर पर पंजीकृत तो है, लेकिन मान्यता प्राप्त नहीं है और केवल तीन साल पहले बनाई गई थी। ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया’ अंततः NDA में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भी बन सकती है, यहां तक कि लंबे समय से स्थापित और अनुभवी TDP और JD(U) से भी आगे। दरअसल, TDP और JD(U) को ऐसे गुप्त हथकंडों और इतने घृणित तरीके से अपनी हैसियत घटाए जाने का विरोध करना चाहिए।
यह विचित्र कदम लोकसभा में NDA के लिए दो-तिहाई बहुमत तैयार करने की केंद्रीय गृह मंत्री की रणनीति का हिस्सा है। जब तक वे पद पर बने हुए हैं, शालीनता, मर्यादा और संवैधानिक मूल्यों व सिद्धांतों के प्रति निष्ठा हर दिन कमजोर और खतरे में पड़ती रहेगी।