आपदा प्रबंधन में युवा शक्ति की महा-तैयारी: राजस्थान के 13 जिलों के 12,650 स्वयंसेवकों को एसडीआरएफ दे रही है आवासीय प्रशिक्षण
• सोमवार को NCC कैम्पस पहुंचेंगे डीजीपी, सामुदायिक सुरक्षा और क्विक रिस्पांस के लिए तैयार हो रहे हैं प्राइमरी रिस्पॉन्डर्स
जयपुर 14 जून। आपदाओं के समय त्वरित राहत, बचाव और जनसहायता को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (N.D.M.A.) की महत्वाकांक्षी ‘युवा आपदा मित्र योजना’ के तहत राजस्थान में बड़े स्तर पर प्रशिक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य के 13 आपदा प्रभावित जिलों के 12,650 युवा स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान के महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा 15 जून को जयपुर स्थित एनसीसी कॉम्प्लेक्स, जेएलएन मार्ग, गांधी नगर का दौरा कर प्रशिक्षण शिविर का अवलोकन करेंगे तथा प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन करेंगे।
योजना के तहत जयपुर, अजमेर, अलवर, जोधपुर, बाड़मेर, भरतपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, बीकानेर, नागौर, सिरोही एवं पाली सहित 13 जिलों में एन.सी.सी., एन.एस.एस., नेहरू युवा केंद्र संगठन तथा भारत स्काउट एवं गाइड से जुड़े स्वयंसेवकों को सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का संचालन राजस्थान राज्य आपदा प्रतिसाद बल एवं आपदा मित्र मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। जयपुर में यह प्रशिक्षण शिविर 12 जून से 18 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित सामुदायिक स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार करना है, जो किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा की स्थिति में प्रशासन और राहत एजेंसियों के साथ मिलकर सबसे पहले प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचें तथा राहत एवं बचाव कार्यों में प्रभावी सहयोग प्रदान करें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सामुदायिक समन्वय, रोप रेस्क्यू और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डी.जी.पी. श्री राजीव कुमार शर्मा 15 जून को प्रातः 10 बजे एन.सी.सी. कैंपस पहुंचेंगे। स्वागत कार्यक्रम के पश्चात राजस्थान सशस्त्र बल एवं एस.डी.आर.एफ. के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री रुपिंदर सिंघ द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षुओं द्वारा रोप रेस्क्यू डेमो एवं अन्य आपदा प्रबंधन प्रदर्शनों का प्रदर्शन किया जाएगा। एनसीसी के उप महानिदेशक द्वारा आपदाओं में एन.सी.सी. की भूमिका पर प्रस्तुति दी जाएगी, वहीं डी.जी.पी. स्वयं प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित कर आपदा प्रबंधन में युवाओं की भूमिका, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार साझा करेंगे।
राजस्थान पुलिस और एस.डी.आर.एफ. का मानना है कि प्रशिक्षित युवाओं की यह बड़ी टीम भविष्य में राज्य के लिए एक सशक्त आपदा प्रतिक्रिया तंत्र साबित होगी। आपदा की घड़ी में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता न केवल राहत कार्यों को गति देगी, बल्कि जनहानि और नुकसान को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डी.जी.पी. का यह दौरा राज्य में आपदा प्रबंधन को जनभागीदारी आधारित मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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