प्रिय साथियों
कभी-कभी कुछ संगीत,
केवल कानों से नहीं सुना जाता,
वह सीधे आत्मा तक पहुँचता है।
मेरे लिए यह अद्भुत धुन ऐसी ही एक दिव्य अनुभूति है।
जब यह स्वर-लहरियाँ पियानो और अन्य तारों से निकलती हैं,
तो ऐसा प्रतीत होता है मानो कैलाश की हिमाच्छादित चोटियों पर स्वयं भगवान शिव समाधि में लीन हों और उनकी नाद का निनाद..ध्वनि सूक्ष्म रूप धारण कर संगीत बनकर ब्रह्माण्ड में प्रवाहित हो रही हो।
प्रत्येक सुर हृदय की थकान को हर लेता है, मन के विक्षोभ को शांत करता है और आत्मा को एक नई ऊर्जा से भर देता है।
जीवन की भाग-दौड़, तनाव, चिंताएँ और मानसिक कोलाहल के बीच यह संगीत मेरे लिए किसी औषधि से कम नहीं।
मेरी तो पूरी शृंखला ही सुनने लायक है!
इसे सुनते समय अनेक बार मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं और मन एक ऐसी अलौकिक शांति का अनुभव करता है जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है!!
मैं आप सभी से स्नेहिल आग्रह करता हूँ कि जीवन में कम-से-कम एक बार इस संगीत को अवश्य सुनें।
इसे केवल सुनिए मत,
स्वयं को इसके हवाले कर दीजिए।
और यदि संभव हो तो अच्छे हेडफ़ोन लगाकर, आँखें बंद करके, कुछ मिनटों के लिए संसार की समस्त चिंताओं से मुक्त होकर इसे सुनिए।
तब आप पाएँगे कि संगीत केवल ध्वनि नहीं, बल्कि ईश्वर द्वारा आत्मा को स्पर्श करने का एक माध्यम है।
हो सकता है कि यह धुन आपको भी उसी दिव्य अनुभूति से भर दे, जिसका अनुभव मैं हर बार करता हूँ
एक ऐसी अनुभूति जहाँ मन शांत हो जाता है, हृदय निर्मल हो जाता है और आत्मा भगवान शिव के चरणों के निकट पहुँच जाती है।
हर हर महादेव। 🕉️
1/5
Eye closed!
Mind and Ear opened!!!
Brain Sleeping!!!
It's miracles of "PIANO"
कभी सुना था???
सवाल ही नहीं उठता !!!
आखिर किसी ने तो बजाया होगा!!
कौन?? आख़िर कौन है वो जादूगर??
कुछ पता चला??
2/5