यह राजस्थान के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है कि राहुल गांधी जी कल कोटा की धरती से छात्रों के न्याय की बड़ी लड़ाई का शंखनाद करने जा रहे हैं.. देश में शायद पहली बार पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ जैसे मुद्दों को इतने बड़े स्तर पर उठाया जा रहा है।
संसद के भीतर राहुल गांधी जी ने जिस मजबूती से युवाओं की आवाज़ बुलंद की, अब वह आवाज़ सड़कों पर गूंजेगी। यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के सपनों और उनके अधिकारों का संघर्ष है। यह आवाज दिल्ली की सत्ता को जवाब देने पर मजबूर करेगी...
राजस्थान वह प्रदेश है जिसने पेपर लीक का भयावह दौर देखा है। यहां के लाखों युवाओं ने अपनी वर्षों की मेहनत और भविष्य को भ्रष्टाचार और मिलीभगत की भेंट चढ़ते देखा है। एक के बाद एक 19 पेपरलीक हुए, युवाओं का भविष्य लूटा गया, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाते नज़र आए। "अपना आदमी है" कहकर दोषियों को संरक्षण दिया गया, निजी PSO तक गिरफ्तार हुए, RPSC जैसी संवैधानिक संस्था में ऐसे लोगों को बैठाया गया जिन्होंने युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया... अशोक गहलोत जी इस मुद्दे पर बोलने का आपको तो नैतिक अधिकार ही नहीं है..किस मुंह से आप इतनी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे ह ..? प्रदेश का युवा आपके समय में मिले इस दंश को भूला नहीं है, न ही भूलेगा...
वहीं जो लोग "मगरमच्छ पकड़ने" का वादा करके सत्ता में आए थे, उन्होंने भी युवाओं को निराश किया। बड़े-बड़े दावे हुए, लेकिन आज भी युवा न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मामलों को दबाने और सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिशें युवाओं के साथ एक और अन्याय है।
ऐसे समय में राहुल गांधी जी का छात्रों के बीच आना और सीधे संवाद करना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के न्याय के आंदोलन को नई दिशा देने वाला कदम है। यह देश को संदेश देगा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को अब जवाब देना होगा।
मरुधरा की पावन धरती पर राहुल गांधी जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
युवाओं के हित की यह लड़ाई अब रुकेगी नहीं, झुकेगी नहीं....
@ashokgehlot51
#WATCH जयपुर (राजस्थान): कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा,"...जिस प्रकार से एक के बाद एक पेपर लीक हुए और सरकार पर से लोगों का विश्वास समाप्त हो गया है तो सोचिए ये कितना बड़ा मुद्दा बन गया है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा है लेकिन ये वो दिला नहीं पा रहे हैं। जनता जब मांगा करती है तो उस पर एक्शन होना चाहिए लेकिन ये सरकार नहीं करती है। तो NDA सरकार के तमाम तरीके जो कारनामे हैं...बंगाल और बिहार में जो स्थिति बनी है वो धीरे-धीरे खतरनाक बनती जा रही है लोकतंत्र कहां रह गया है ये कहते हैं कि कांग्रेस मुक्त भारत या विपक्ष मुक्त भारत तो बिना विपक्ष के पक्ष क्या होगा.."