तेरा हाथ छु लूँ या विश्व-वृहत्, एक ही तो बात है
ग़र ना हो स्पर्श, तबभी तो तू मुझमें आत्मसात है
इनके बीचके अंतर में शत रंगावलीकी बिसात है
मेरा हाथ है जैसे कृष्णा, तेरा हाथ जैसे अवदात है
इनका जोड़ किस गणितसे बूझे, ये जो अनुपात है
तेरा एक हाथ पूर्ण-आकाश,मेरा एक हाथ निर्वात है
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All the stars are in your hands