मैं नए ज़माने की स्त्री हूँ,
मैंने अपनी स्थगित यात्राओं को
अब प्राथमिकता देना सीख लिया है
मेरी चाय सब्र से बनती है
मैं अधपकेपन से समझौता नहीं करती
मुझे खर्च करना पसंद है
क्यूंकि मैं ,
कमाने का साहस रखती हूँ
मेरी व्यस्तता बढ़ सकती है,
पर अपनों के लिए समय
मेरे लिए सबसे पहले है !
… मैं पुराने ज़माने की स्त्री हूँ ;
मुझे तेज़ शोर नहीं,
धीमी उबलती चाय की ख़ुशबू पसंद हैं,
मैं चाय को
ठंडा होने तक देख सकती हूँ,
किताबों को
बिना पढ़े भी समझ लेती हूँ,
मैं इंतज़ार को
वक़्त नहीं कहती,
उसे आदत बना लेती हूँ,
मैं ग़ज़लें पढ़ती हूँ,
रदीफ़ से पहले सब्र सीखती हूँ,