कलकत्ते में कई बार चाय वालों से पूछा कि कुल्हड़ कहाँ से मिलेंगे, जवाब हमेशा यही आया कि हमें तो पता नहीं, यहाँ पर कोई देने आता है।
कुल्हड़ में चाय पीना सबको पसंद है क्योंकि मिट्टी के कुल्हड़ से जो खुशबू आती है वो चाय पीने का अलग ही मजा देती है!🤷♂️
क्या आपको पता है कुल्हड़ किस तरीके से बनाया जाता है.?
हमारे यहां कुम्हार (Potter) अपने हाथों से बनाते हैं लेकिन शहरों में इन मशीनों से बनता है"!👇