What a melodious harmony between voice and harmonium.
A soothing rendition of 'Mujhe Tum Yaad Aate ho' by Ramzan Jani, originally sung by Ustad Nusrat Fateh Ali Khan.
विकल्पहीन होकर वह चुन लेना जो आप जीवन में कभी नहीं चुनना चाहते थे, आपको भीतर से खोखला करता जाता है, आपको पता भी नहीं चलता, और एक दिन जब होश आता है, तब तक पीछे लौटने के सारे पुल जल चुके होते हैं।
~दुष्यंत 🌸💌
वे
जिनके पास एक- दूसरे से कहने को कुछ भी नहीं
शताब्दियों से उनके घरों के पास शोरहीन उद्यान पड़े हुए हैं
वे
जिनके होंठों पर किसी चेहरे को चूमने की इच्छा शेष नहीं
उनके शहरों में हर तरह का एकांत है मिलने का
वे
जिनके सीने में लपटें नहीं उठती आलिंगन की
दुनिया भर की बाहें फैलती हैं उनको भर लेने के लिए
वे
जिनकी गोद इतनी विशाल है कि समा जाए समूचे शहर का विलाप
पेट के बल लेटे हैं कि कोई आकर बैठ ना जाए वहाँ
वे
जिनके दिल में एक फूल को सूंघने की तृष्णा नहीं
उनके मन्दिरों से रोज निकलता है सुगंधित कचरा
वे
जिनके घरों की टाँड पर पड़े रहते हैं समय के खाली गत्ते
वे एक- दूसरे को अनमने होकर देखते हैं और कुछ नहीं कहते
इस दुनिया में
जहाँ अनगिनत लोग ऊब के साथ रहते हैं
और एक-दूसरे से कुछ भी नहीं बोलते
मैं तुमसे कुछ कहना शुरू करता हूँ
और समय ख़त्म हो जाता है...
गौरव सिंह : जन्मदिन मुबारक 💐❤️