Joined October 2009
264 Photos and videos
लोग हमे उतना ही अपनाते है , जितनी उन्हे जरूरत होती है ..!!
3
69
616
10,465
Amit S retweeted
Abbas Kiarostami, from “A Wolf Lying in Wait; Poems,” published c. 2015
91
553
12,904
Amit S retweeted
Ahmed Faraz understood that love is not always about meeting sometimes it's about letting go with grace.
18
90
2,651
Amit S retweeted
अहमद फ़राज़
2
6
102
2,032
इंसान अपने अकेलेपन से निजात पाने के लिए मुहब्बत करता है, और मुहब्बत इस बात की तस्दीक करती है कि उसका अकेलापन अब ताउम्र कायम रहेगा। ~ अमृता प्रीतम
4
57
419
13,367
Amit S retweeted
25
3,192
14,448
200,613
What a melodious harmony between voice and harmonium. A soothing rendition of 'Mujhe Tum Yaad Aate ho' by Ramzan Jani, originally sung by Ustad Nusrat Fateh Ali Khan.
6
17
161
21,846
Amit S retweeted
विकल्पहीन होकर वह चुन लेना जो आप जीवन में कभी नहीं चुनना चाहते थे, आपको भीतर से खोखला करता जाता है, आपको पता भी नहीं चलता, और एक दिन जब होश आता है, तब तक पीछे लौटने के सारे पुल जल चुके होते हैं। ~दुष्यंत 🌸💌
12
9
87
1,545
Amit S retweeted
Jun 13
Kahan ho tum chale aao. ❤️🤌
4
15
59
1,869
Amit S retweeted
"Nothing in this world is harder than speaking the truth, nothing easier than flattery” Fyodor Dostoevsky~
3
6
71
982
वे जिनके पास एक- दूसरे से कहने को कुछ भी नहीं शताब्दियों से उनके घरों के पास शोरहीन उद्यान पड़े हुए हैं ​वे जिनके होंठों पर किसी चेहरे को चूमने की इच्छा शेष नहीं उनके शहरों में हर तरह का एकांत है मिलने का ​वे जिनके सीने में लपटें नहीं उठती आलिंगन की दुनिया भर की बाहें फैलती हैं उनको भर लेने के लिए ​वे जिनकी गोद इतनी विशाल है कि समा जाए समूचे शहर का विलाप पेट के बल लेटे हैं कि कोई आकर बैठ ना जाए वहाँ ​वे जिनके दिल में एक फूल को सूंघने की तृष्णा नहीं उनके मन्दिरों से रोज निकलता है सुगंधित कचरा ​वे जिनके घरों की टाँड पर पड़े रहते हैं समय के खाली गत्ते वे एक- दूसरे को अनमने होकर देखते हैं और कुछ नहीं कहते ​इस दुनिया में जहाँ अनगिनत लोग ऊब के साथ रहते हैं और एक-दूसरे से कुछ भी नहीं बोलते ​मैं तुमसे कुछ कहना शुरू करता हूँ और समय ख़त्म हो जाता है... गौरव सिंह : जन्मदिन मुबारक 💐❤️
8
45
1,638
Amit S retweeted
Jun 10
AHMAD FARAZ.❤️🤌
4
12
86
5,628
Amit S retweeted
Jun 11
Tumhare bas mein agar ho to bhul jao mujhe. ❤️🤌
5
7
48
1,692
Amit S retweeted
Jun 12
Hum par tumhari chaah ka ilzaam hi to hai. ❤️🤌
8
25
145
15,446
Amit S retweeted
2
167
815
17,072
Amit S retweeted
23
271
1,368
28,082
Jun 12
आप कहते थे कि रोने से न बदलेंगे नसीब उम्र भर आप की इस बात ने रोने न दिया open.spotify.com/track/41SBy…
3
48
Amit S retweeted
When we recommend something, we are invisibly sharing a piece of ourselves that we discovered along the way.
1
2
14
538
Amit S retweeted
💯
4
10
44
1,136
Amit S retweeted
2
3,819
7,900
937,212