सपा में बयान नहीं, बदजुबानी की प्रतियोगिता चल रही है। कभी सनातन पर हमला, कभी समाज के सम्मानित वर्गों पर अपमानजनक टिप्पणी, यही सपाई राजनीति की असली पहचान बन चुकी है।
सपा नेता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज का अपमान करने वाला बयान केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है, जहां वोटबैंक के अहंकार में मर्यादा, संस्कार और सामाजिक सम्मान सब कुचल दिए जाते हैं।