बस मैं एक आदमी अपने 9 बच्चों के साथ जा रहा था!
बच्चे बहुत शोर कर रहे थे!
इतने में एक बुज़ुर्ग अपनी लाठी से ठक ठक करते हुए चढ़े!
बच्चों का बाप बोला :- हज़रत आप अपनी लाठी के आगे रबड़ चढ़ा ले तो ये शोर नहीं करेगी!
बुज़ुर्ग:- अगर यही काम तू ने किया होता तो इतना शोर ना होता!!!😂😂😂😜
भक्त : देखो बाबा मेने नयी बाइक ली है पल्सर 220 कुछ कहेंगे आप?
बाबा Says. पल्सर 220 ले तो आया तू,
पर चूतिये तुझे पीछा तो 100 Cc स्कूटी का ही करना है।
😜😊😁
यह 1945 मे "अग्रणी" जिसके प्रकाशक नारायण आप्टे और संपादक नाथूराम गोड़से थे। प्रकाशित हुआ था ,
जिसमे रावण के सर में सरदार पटेल ,सुभाष चंद्र बोस, नेहरु,राजाजी, मौलाना अब्दुल कलाम भी है।
ये बीजेपी, आरएसएस की सोच।