हाल में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गाँधी ने एक अद्भुत भाषण दिया। राहुल सिर्फ राहुल जानते हैं कि आइडिया ऑफ इंडिया क्या है और उसे RSS, बीजेपी और मोदी चोटिल कैसे कर रहे हैं। यह भाषण ऐतिहासिक है। कल मध्य प्रदेश में एक गरीब मजदूर को उसकी पत्नी के सामने पीटते देख यह भाषण मैंने बार बार पढ़ा। आप भी पढ़िए--
"मैं आज यहां आये सभी लोगों का स्वागत करता हूंँ। आने के लिए धन्यवाद। कई साल पहले मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त से बहस हुई थी। मैंने उससे कहा, "जो तुम कर रहे हो वो बिल्कुल अनफेयर है।" उसका जवाब था — "दुनिया अनफेयर है। अब इसकी आदत डाल लो।"
आज यहां कांग्रेस पार्टी के बारे में जो कुछ भी कहा गया, उसका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम शिव परंपरा को अपनाना है — सब कुछ निगल जाना। नीले कंठ वाले शिव की तरह, जो सारा जहर पी जाते हैं।
आप चाहे जितना कहें, मुझ पर या कांग्रेस पर जितनी भी आलोचना करनी हो, हम उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे। हम आपको खुश करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी भूमिका आपकी भूमिका से बुनियादी तौर पर अलग है। और यह मैं अहंकार से नहीं कह रहा हूं। मेरी भूमिका आप सबको प्यार और स्नेह से जोड़ने की है।
मैं 2004 से कांग्रेस पार्टी का सांसद हूं, जब मैंने अपना पहली चुनाव लड़ा था। हमारी पार्टी भारत की दूसरी सभी पार्टियों से बुनियादी तौर पर अलग तरीके से संगठित है। और मैं यह विनम्रता से कह रहा हूं। क्यों?
क्योंकि यह पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत अस्तित्व में भी नहीं था। अन्य सभी पार्टियों के विपरीत, इसे भारतीय राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर खड़ा नहीं किया गया था। कांग्रेस पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन है, जो इस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय बराबर हैं।
हम RSS की सोच के बिल्कुल खिलाफ हैं। हम मर जाएंगे, कांग्रेस पार्टी में मर जाएंगे, लेकिन BJP या RSS के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। इसके लिए हमें हमारे सिर काटने पड़ेंगे। मुझे पता है कि इस देश में लाखों-लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता हैं जो कहेंगे — "हमारे सिर काट दो, हम RSS के सामने झुकेंगे नहीं।"
मुझे अफसोस है कि इस समूह में कुछ भ्रम है। भ्रम यह है कि आप — SP, TMC, RJD — यह मानते हैं कि अब तक जो राजनीतिक औजार आप इस्तेमाल करते आए हैं, वे आगे भी काम करेंगे।
दरअसल वे तभी काम करते थे जब देश का सिस्टम उन्हें निष्पक्ष मैदान उपलब्ध कराता था। वो मैदान अब नहीं बचा है। BJP देश के संस्थानों पर कब्जा कर चुकी है। BJP कानूनी व्यवस्था को कंट्रोल करती है। BJP नौकरशाही को कंट्रोल करती है। खुफिया एजेंसियों को कंट्रोल करती है। BJP चुनाव आयोग को भी कंट्रोल करती है।
मेरे TMC में कई दोस्त हैं। वे मानते थे कि बंगाल में वे चुनाव जीत रहे हैं। मैं उन्हें बार-बार कहता रहा — तुम सपनों की दुनिया में हो। मैंने गुजरात में देखा है, मध्य प्रदेश में देखा है, छत्तीसगढ़ में देखा है, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है। फिर भी आपमें से कई अभी भी आश्वस्त नहीं हैं।
कांग्रेस पार्टी प्रतिरोध की पार्टी है। इसे भारतीय राज्य की तटस्थता की जरूरत नहीं है। बल्कि, जितना ज्यादा भारतीय राज्य के संस्थान दबाए जाएंगे, कब्जाए जाएंगे, कांग्रेस पार्टी उतनी ही आक्रामकता से भारत के संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी। हम सभी कांग्रेस पार्टी के आदर्शों को साझा करते हैं। वे आदर्श क्या हैं? सत्य, अहिंसा और करुणा।
मुख्य मुद्दा क्या है? मुझे आपसे लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे पागल होना पड़ेगा कि अचानक उठकर कहूं — "मैं तुमसे लड़ूंगा क्योंकि तुम हमारे सहयोगी हो, हमारे दोस्त हो, हम जिनसे प्यार करते हैं।
कृपया समझिए, हमने 2024 का चुनाव जीता था। हमने हारा नहीं था। आप पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गये? वह मेरी वजह से नहीं, कांग्रेस की वजह से नहीं गये। और मैं आपको बताता हूं कि निकट भविष्य में वे कुछ औजार भी काम करना बंद कर देंगे, क्योंकि BJP और RSS भारतीय राज्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने 100 साल से ज्यादा पहले यही फैसला लिया था। 1927 से पहले हम एक राजनीतिक संगठन थे। गांधी जी ने जब स्वराज की मांग की, हम प्रतिरोध आंदोलन बन गए। अगर राजनीतिक पार्टियां काम नहीं कर सकतीं, तो क्या काम कर सकता है? प्रतिरोध काम करता है। Resistance works।
जहां हम प्रतिरोध करते हैं, वहां काम करता है। मैंने अपनी आंखों से देखा है। मैंने इस देश में 4000 किलोमीटर पैदल चला है। Resistance works।आपको राजनीतिक आर्किटेक्चर की जरूरत नहीं। नौकरशाही की जरूरत नहीं। खुफिया एजेंसियों की जरूरत नहीं। आपको सिर्फ प्रतिरोध
आगे.....