प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के समाचार सामने आ रहे हैं। कई टॉपर एक ही सेंटर पर परीक्षा देकर सफल हुए बताए जा रहे हैं। एक बार फिर फ़र्ज़ीवाडे के तार बीजेपी से जुड़े दिख रहे हैं।
व्यापाम, नर्सिंग, आरक्षक भर्ती, कृषि विस्तार अधिकारी और ऐसी ही कितनी ही भर्ती परीक्षाओं ने अंत में घोटाले का रूप लिया है।
नौकरी देने के नाम पर भर्ती घोटाला करना शिवराज जी की सरकार का चरित्र बन गया है। इनसे तो जाँच की माँग करना भी बेकार है क्योंकि हमेशा बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है।
मेरी माँग है कि कोई स्वतंत्र एजेंसी मामले की जाँच करे और उन लाखों बेरोज़गारों के साथ न्याय करे जो इन प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
मध्य प्रदेश अब भ्रष्टराज से मुक्ति चाहता है।