निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जिला स्तरीय कार्यशाला-सह-शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया।
उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत घातक है। यह केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था को भी कमजोर करता है। सरकार कानून बनाती है और प्रशासन उसे लागू करता है, किंतु किसी भी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होती है। जब तक समाज स्वयं नशे जैसी बुराइयों को अस्वीकार नहीं करेगा, तब तक केवल कानूनी कार्रवाई से पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती।
अभियान की रूपरेखा एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 10 जून से 25 जून 2026 तक जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जिला स्तरीय सेमिनार, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, ग्राम स्तरीय चौपाल, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, बाजार एवं हाटों में जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पोस्टर, बैनर, हैंडबिल, पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री श्रीकांत एस. खोटरे, उप विकास आयुक्त श्री दीपांकर चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री शशांक शेखर सिंह, परियोजना निदेशक आईटीडीए श्रीमती सरोज तिर्की, अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेन्द्र कुमार तथा अनुमंडल पदाधिकारी श्री सुमन तिर्की एवं जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
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