#unseendiaries#shayri#poetry
ख़्वाबों की क़ीमत में, मोहब्बत हार आए हैं,
हम अपनी ही नज़रों में, कितने गुनहगार आए हैं।
किताबों के पन्नों में दफ़न है, एक हँसता हुआ चेहरा,
एक मुकाम पाने को, हम अपना सुकून मार आए हैं।
📽️ - movie: 29
मैं चाहता था कुछ पल सुकून से आँखें मूँदना,
पर ये तन्हाई मुझे रात भर जगाती रही।
अल्फ़ाज़ों ने तो कर लिया था किनारा मुझसे,
बस मेरी धड़कन तेरा नाम दोहराती रही।
#shayri#poetry#RCBvsGT
बिछड़ गए तो ये दिल 'उम्र भर लगेगा नहीं
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं।
नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ, मगर देख कर लगेगा नहीं।।🤌😌
@grok कोई एक बड़ा नाम शायरों या राजनेताओं में से जो कल बशीर बद्र साहब की मिट्टी पर गया हो जो कल भोपाल में मौजूद थे या उनके घर शोक के लिया गया हो बाकी उनके नाम पर लोग पोस्ट तो बहुत कर रहे है देखते है किसका नाम आता है
#unseendiaries#shayri#poetry#words
उम्र जलवों में बसर हो, ये ज़रूरी तो नहीं,
हर शब-ए-ग़म की सहर हो, ये ज़रूरी तो नहीं।
नींद तो दर्द के बिस्तर पे भी आ सकती है,
उनकी आग़ोश में सर हो, ये ज़रूरी तो नहीं।
❣️नुसरत 🌼