यह हमारे देश की राष्ट्रपति हैं सम्माननीय द्रौपती जी मुर्मू इन्हें देखकर मन में यही विचारआया कि सत्ता के सर्वोच्च शिखरपरबैठा व्यक्ति भी जब नंदी केकान मेंअपनी प्रार्थना कहता है,तो यह याददिलाता है कि पदचाहे कितना भी बड़ा हो जाए, मनुष्य की आशाएँ, चिंताएँ और विश्वास उससे भी बड़ेहोते