देश में भले ही 2000 रुपये का नोट अब रोज़मर्रा की खरीद–फरोख्त में दिखाई न देता हो, लेकिन इसे लेकर लोगों के मन में सवाल आज भी बने हुए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने मई 2023 में इस उच्च मूल्यवर्ग के नोट को चलन से बाहर करने का फैसला किया था। इसके बावजूद यह नोट आज भी कानूनी तौर पर मान्य मुद्रा है, यानी इसकी वैल्यू खत्म नहीं हुई है।
RBI लगातार यह कह रहा है कि जिनके पास अभी भी 2000 रुपये के नोट रखे हैं, वे उन्हें जल्द से जल्द सिस्टम में वापस लाएं। दिलचस्प बात यह है कि वापसी प्रक्रिया शुरू होने के दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी करीब 6,000 करोड़ रुपये के नोट अब भी सर्कुलेशन में मौजूद हैं।
रिजर्व बैंक के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया उसकी ‘clean note policy’ का हिस्सा है। इस नीति का मकसद ऐसे नोटों को धीरे-धीरे सिस्टम से हटाना है, जिनका इस्तेमाल आम लेनदेन में बहुत कम हो गया है। 2000 रुपये के नोटों की छपाई भी 2018-19 के वित्त वर्ष के बाद बंद कर दी गई थी, क्योंकि लोग रोज़मर्रा के लेनदेन में इन्हें कम इस्तेमाल कर रहे थे। RBI के आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 98.37 प्रतिशत 2000 रुपये के नोट बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं। यानी ज्यादातर नोट जमा हो चुके हैं, लेकिन अब भी कुछ लोग इन्हें घर या कारोबार में संभालकर बैठे हैं।
इस सवाल को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम है। रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि 2000 Rupee Notes अब भी लीगल टेंडर हैं। हालांकि, अधिकतर बैंक शाखाएं और रिटेल आउटलेट इन्हें सामान्य लेनदेन में स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं कि नोट बेकार हो गए हैं, बल्कि उन्हें सही प्रक्रिया के तहत जमा कराना जरूरी है।
कमर्शियल बैंकों में 2000 रुपये के नोट बदलने या जमा कराने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 को खत्म हो चुकी है। फिलहाल यह सुविधा केवल RBI के 19 निगम कार्यालयों में उपलब्ध है। ये कार्यालय अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पटना, नई दिल्ली, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में स्थित हैं। उत्तर प्रदेश में कानपुर और लखनऊ में यह सुविधा मौजूद है।
अगर आप खुद RBI ऑफिस नहीं जा सकते, तो डाकघर के माध्यम से भी अपने 2000 रुपये के नोट रिजर्व बैंक के निगम कार्यालय में भेजकर उन्हें अपने बैंक खाते में जमा करा सकते हैं।
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