मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूँ मैं,
उर्वशी! अपने समय का सूर्य हूँ मैं
अंध तम के भाल पर पावक जलाता हूँ,
बादलों के सीस पर स्यंदन चलाता हूँ।
#दिनकर
आज #पाली के रास्ते , नदियां किनारे #सूर्योदय दर्शन किये, मन भर चित्र लिए, आपको कौनसा पसंद आया.?
#ClickChallenge#sunrisephotography