ऊर्जावान उत्तर प्रदेश …
इस वर्ष गर्मी में 31,894 MW तक की बिजली की पीक सप्लाई हो रही है।
यह प्रदेश और देश में अब तक की सर्वाधिक है।
नगरीय क्षेत्र में 24 घंटे आपूर्ति के साथ-साथ प्रस्थापित रोस्टर को भूलकर ग्रामीण क्षेत्र में भी 22 घंटे से भी अधिक बिजली देने का प्रयास है।
लगातार आ रहे आंधी-तूफ़ान-ओले-बरसात से प्रभावित हो रही विद्युत अवसंरचना के बावजूद परिश्रमी विद्युत कर्मियों द्वारा सर्वत्र बिजली पहुंचाई जा रही है।
लेकिन आजकल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को यूपी में बिजली प्रबंधन की बड़ी चिंता हो रही है।
सच्चाई यह है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अंधकार और अहंकार वाले लंबे शासनकाल (1947 से 2017) के 70 वर्षों के अंत तक में बिजली जैसी मूलभूत अवसंरचना पर ध्यान नहीं दिया गया।
उदाहरणार्थ:
1. 2017 में बिजली की अधिकतम औसत पीक सप्लाई 13000 MW हुआ करती थी। जो आज लगभग 32000 MW यानी कि लगभग अढ़ाई गुना है।
2. 2017 में उत्तर प्रदेश में राज्य का अपना कुल तापीय ऊर्जा उत्पादन 5,160 MW था। यह 2022 में बढ़कर 5,820 MW हुआ।
3. इसके सापेक्ष पिछले चार ही वर्षों में 660 MW की 11 नई यूनिटों द्वारा 7260 MW तापीय ऊर्जा का उत्पादन प्रदेश में जोड़ा गया है। अर्थात तापीय क्षमत् दोगुने से ज़्यादा हो गई।
4. साथ ही पिछले चार वर्षों में कुल 6,627 MW की सौर क्षमता स्थापित/कमीशन की जा चुकी है। इसके साथ यूपी की ऊर्जा शक्ति तीन गुना हो गई।
इतना ही नहीं…
* लखनऊ देश का पहला जनपद बन गया है जिसने पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत 1 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया है,
* जबकि प्रदेश के अन्य 6 जनपद (वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, आगरा, प्रयागराज, झाँसी, देश के शीर्ष 50 घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन वाले जनपदों में शामिल हैं।
* उत्तर प्रदेश में भवनों पर आच्छादित (Rooftop/Building Mounted) सौर परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 3,573 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
* इसके अतिरिक्त Utility Scale Ground Mounted Solar परियोजनाओं के अंतर्गत 3,054 मेगावाट सौर क्षमता कमीशन की जा चुकी है।
* साथ ही वर्तमान में राज्य में लगभग 6,639 मेगावाट क्षमता की (Utility Scale Solar) सौर परियोजनाएं विकास एवं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
* पम्प और बैटरी स्टोरेज सहित अन्य बड़ी योजनाएँ भी आकार ले रही हैं।
* अयोध्या सहित कई नगर सोलर सिटी के रूप में आकार ले रहे हैं।
* साथ ही तापीय ऊर्जा की मेजा और मिर्जापुर की 4000 MW की क्षमता आने वाले दिनों में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
माननीय प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश अपनी ऊर्जा शक्ति को कई गुना बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है।
आपके समय राज्य का ज़्यादा हिस्सा बिजली का दर्शन भी नहीं कर पाता था। लोग ढेबरी और लालटेन के प्रकाश में जीवन गुजारते थे।
भाजपा की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के लाखों गांव और मजरो में पहली बार बिजली पहुंचाई है। सर्वत्र क्वालिटी पॉवर दिया जा रहा है।
हाँ जन अपेक्षाओं और भावनाओं के अनुरूप हम अपनी व्यवस्था को निरन्तर सुधारने में लगे रहते हैं।
विपक्ष के आप लोग और लंबे समय तक आराम करिए।
हमारी स्पर्धा स्वयं अपने से है…
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