#WelcomeToTheJungle
इतिहास पन्नों से बनता है, प्रोपेगैंडा की रील्स से नहीं! 🚨
नेहरू जी की बराबरी करने की ख्वाहिश रखने वाले साहब को कोई याद दिलाए कि इतिहास में नाम दर्ज कराने के लिए संस्थाएं बनानी पड़ती हैं, उन्हें बेचना नहीं पड़ता। खुद को नेहरू से बड़ा साबित करने की ज़िद में देश को कहाँ लाकर खड़ा कर दिया है, ज़रा इस पर भी नज़र डालिए:
1- महंगाई का नया कीर्तिमान: नेहरू जी ने इस देश को IIT, IIMS, ISRO और बड़े-बड़े उद्योग दिए थे, और आपने जनता को रिकॉर्ड तोड़ महंगाई, आसमान छूते पेट्रोल-डीजल और खाली थाली का 'अमृत काल' दिया है।
2- नफ़रत का रिकॉर्ड: जहाँ देश को जोड़ने और आधुनिक वैज्ञानिक सोच (Scientific Temper) की नींव रखी गई थी, वहाँ आज सुबह से शाम तक टीवी स्क्रीनों और सड़कों पर सिर्फ और सिर्फ नफ़रत और विभाजन का खेल चल रहा है।
3- विदेशी मोर्चे पर नाकामी: नेहरू जी के दौर में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के जरिए भारत विश्व पटल पर अपनी स्वतंत्र धाक जमाता था, और आज स्थिति यह है कि पड़ोस के छोटे-छोटे देश भी आँखें दिखा रहे हैं।
साहब, सूट बदलने से और इतिहास की किताबों से नेहरू जी का नाम मिटाने से कोई नेहरू नहीं बन जाता। नेहरू बनने के लिए दूरदर्शिता और देश के हर नागरिक को साथ लेकर चलने का बड़ा दिल चाहिए होता है। कैमरे के सामने खुद की पीठ थपथपाने से आप अपनी हेडलाइन तो चमका सकते हैं, लेकिन देश की हकीकत को नहीं बदल सकते! 🧠❌
#महंगाई #नफरत_छोड़ो_भारत_जोड़ो #PMModi #Nehru #RealIssues
@PMOIndia
@CJP_for_India