पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक मार्च कर रहे शिक्षाविद्, क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जी और सैकड़ों लद्दाखियों की हिरासत अस्वीकार्य है, यह हिरासत अलोकतांत्रिक प्रकृति की कार्यवाही है।
क्या पर्यावरण बचाने और लोकतंत्र बहाल करने की मांग करना अपराध है ?
हमारे लोकतंत्र की कहानी अभी सुधरने से पहले और बिगड़ने जा रही है :
@masijeevi