मैं आराम से सड़क पर जा रही थी,अचानक से पैर मुड़ा,दर्द इतना तीव्र था,लगा मैं तो गई ऊपर।आज 1 महीने हुए दर्द गया नहीं था,फिर से वही पैर मुड़ गया।इसे पुराणों में दारुण दुःख कहा है,फिलहाल मैं सिर्फ जीवित हूं,मेरे प्राण transitionstate में हैं,एक हल्का सा झटका और मैं त्रिलोकीनाथ के पास
ALT My sad story 💔