तुम मिलते नहीं हो..
आ करके..
तुम मिलते नहीं हो..
आ करके....
हम कैसे कहें..
देखो ये बैठे हैं..
हे मुरलीधर छलिया मोहन..
हम भी तुमको दिल दे बैठे....
ग़म पहले से ही कम तो न थे..
एक और मुसीबत ले बैठे....
हे मुरलीधर छलिया मोहन..
हम भी तुमको दिल दे बैठे....
जय सियाराम
जय श्री राधेकृष्ण ❤️🙏