श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'पंथ विरोधी' घोषित किया है।
ये गंभीर फैसला कथित वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद लिया गया है, जिसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने सिख संगत से कहा है कि वे भगवंत मान से कोई संबंध न रखें।
इस फैसले के बाद भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए, भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।