एक राष्ट्र, एक निशान, एक विधान... डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का एक सपना जिसे पीएम मोदी ने किया साकार!
देश की एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अद्वितीय प्रयासों के लिए प्रत्येक भारतीय उनका ऋणी है।
..........यही कारण है कि जनसंघ से लेकर भाजपा अब तक न अपनी विचारधारा से भटकी, न अटकी और न कहीं लटकीl
देश की राजनीति नें अनेक उतार-चढ़ाव आये पर न जनसंघ और भाजपा की नीति बदली और न भाजपा नेताओं ने अपना नीयत बदलाl
जनता में लगातार राष्ट्रीय विचारधारा को स्वाकृति मिलती रहीl पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद, अटल जी की अखंड वाणी क्रांति और आडवाणी जी का अथक परिश्रम और योजनाओं से आज भाजपा नीति सरकार निरंतर जनहित के लिए कार्य कर रही हैl
21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ के स्थापना दिवस पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी का अध्यक्षीय उद्बोधनl
उनकी पुण्यतिथि पर कम शब्दों में अक्षरशः रखने का प्रयास किया है:-
हमारा संगठन उस अनेकता में एकता का प्रयत्न करेगा जो भारतीय संस्कृति की सदा से विशेषता रही हैl भारतीय राष्ट्र की नींव को सुदृढ़ और गहरी बनाने का कार्य सरल नहीं हैl
चुनावो का परिणाम चाहे कुछ भी हो, हमारा संगठन उनके उपरांत भी निरंतर करणशील रहेगा और समाज के सभी वर्गों में आशा एवं सद्भावना का संदेश पहुंचाएगा और प्रयत्न करेगा कि वह अपने सतप्रयत्नों द्वारा सुखमय और समृद्धशाली स्वतंत्र भारत का पुनर्निर्माण करेंl